लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की एंट्रेंस परीक्षा में भी छात्र नकल कर रहे हैं, अब ऐसे में आसानी से सोचा जा सकता है कि यह पढ़ाई कैसे कर पाएंगे? हालांकि नकल से एंट्रेंस परीक्षा दीजिए या पढ़कर, एडमिशन में अभी भी गड़बड़ी के आरोप छात्र नेता लगा रहे हैं। हाल यह है कि रविवार को न्यू कैंपस में चल रही एलएलबी और बिजनेस डिपार्टमेंट के कोर्स के लिए एंट्रेंस परीक्षा में दो छात्र पकड़े गए हैं। इसमें एक छात्र तो नए जमाने के स्मार्ट चश्मा पहनकर नकल कर रहा था जबकि दूसरा मोबाइल फोन लेकर एंट्रेंस परीक्षा देने में जुटा था जिसे शिक्षकों ने पकड़ लिया।
लखनऊ विश्वविद्यालय में इन दिनों एडमिशन को लेकर एंट्रेंस परीक्षा चल रही है, इसी कड़ी में न्यू कैंपस में रविवार को सुबह वाली पाली में मोहम्मद ताबिश स्मार्ट चश्मा के माध्यम से मोबाइल से कनेक्ट था और नकल करते पकड़ा गया है। आईएमएस डिपार्टमेंट में बिजनेस डिपार्टमेंट के किसी कोर्स के लिए मोहम्मद ताबिश परीक्षा दे रहा था। जब टीचरों ने इसे पकड़ तो वह नक्शे बाजी दिखाने लगा, मास्टर भी कम नहीं थे, उन्होंने सारे टेक्निकल सिस्टम को बताते हुए सारी चीज जप्त कर ली। ठीक इसी तरह लॉ डिपार्टमेंट में योगेंद्र कुमार राज धरे गए हैं। आरोपित छात्र मोबाइल लेकर परीक्षा में बैठा हुआ था और मोबाइल के चैट जीपीटी से ही सब देख देख कर परीक्षा दे रहा था। बताते हैं कि जब मास्टरों ने इसे पकड़ा तो यह भागने लगा जिस पर वहां पर मौजूद गार्ड और अन्य शिक्षकों ने दौड़ा कर पकड़ा और कमरे में लिखा पढ़ी की है। न्यू कैंपस के सहायक कुलानुशासक अभिषेक तिवारी से कई बार पूछने का प्रयास किया गया लेकिन दोपहर से शाम तक उनका फोन ही नहीं उठा। इस मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर राकेश द्विवेदी ने कहा कि परीक्षा के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मेरिट सूची ही नहीं देता लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की एडमिशन व्यवस्था पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण बताई जा रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाल नहीं है, ऐसे में छात्रों के बीच हुंकार भरने वाले विभिन्न राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी और छात्र नेता लखनऊ विश्वविद्यालय एडमिशन प्रभारी अनित्य गौरव पर पक्षपात करने का सीधा आरोप लगाते हैं। वे स्पष्ट रूप से कहते हैं कि पूर्व भ्रष्ट कुलपति आलोक राय के कार्यकाल से ही एडमिशन और मूल्यांकन के प्रभारी अनित्य गौरव आरक्षण कोटे के तहत हुए एडमिशन की मेरिट सूची पिछले कई वर्षों से नहीं दे पाए हैं, जब-जब छात्र नेता मांग करते हैं तो वह लड़ने लगते हैं और किसी न किसी बहाने से भाग खड़े होते हैं। मौजूदा कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने भी उन पर ही एक बार फिर भरोसा जताया है, ऐसे में छात्र इस बात पर नाराज है कि पूरे देश भर में एडमिशन की पक्षपातपूर्ण व्यवस्था के चलते लखनऊ विश्वविद्यालय की जो छवि खराब हुई है, उसे सुधारने की बजाय उसी आरोपित व्यक्ति को एडमिशन और मूल्यांकन का चार्ज देकर नए कुलपति यह दिखाना चाहते हैं कि विश्वविद्यालय में सिर्फ उनकी चलती है। हालांकि अनित्य गौरव पर थीसिस कंप्लीट ना होने और शोधगंगा में नहीं दिखाई देने तथा फर्जीवाड़ा करके प्रमोशन पाने के आरोप के साथ ही तीन-चार आरोप और लगे हुए हैं।